उत्तरप्रदेश में अपराधियों का काल बनकर आ रहा है “यक्ष”

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27/12/25 लखनऊ:- उत्तर प्रदेश पुलिस ने अपराधियों पर नकेल कसने की पूरी तैयारी कर ली है इसके लिए ‘यक्ष ऐप’ लॉन्च की गई है. अब अपराधी आवाज से पकड़े जाएंगे

उत्तर प्रदेश पुलिस ने तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग लगाते हुए अपना नया AI-पावर्ड ‘यक्ष ऐप लॉन्च कर दिया है।

यह भारत में अपनी तरह की पहली ऐसी तकनीक है, जो अपराधी की आवाज को ही उसकी पहचान बना देगी।

अब अपराधी अपनी पहचान छिपाने में नाकाम रहेंगे, क्योंकि उनकी आवाज ही उनके खिलाफ सबसे बड़ा सबूत बनेगी।

​यक्ष ऐप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित एक भाषा-स्वतंत्र वॉइस सर्च और स्पीकर आइडेंटिफिकेशन सिस्टम है।

किसी भी अपराधी की गिरफ्तारी के समय पुलिस उसका वॉइस सैंपल कैप्चर करेगी, जिसे ‘यक्ष’ के सेंट्रलाइज्ड डेटाबेस में सुरक्षित स्टोर किया जाएगा।
​यह ऐप किसी भी भाषा या बोली पर निर्भर नहीं है।

अपराधी चाहे किसी भी भाषा में बात करे, AI उसके स्वर तंत्र की विशिष्टताओं से उसे पहचान लेगा।


भविष्य में जांच के दौरान यदि पुलिस को कोई फिरौती कॉल, धमकी भरा ऑडियो या वायरल क्लिप मिलती है, तो उसे ऐप के डेटाबेस से तुरंत मैच किया जा सकेगा।

फिंगरप्रिंट की तरह ही हर व्यक्ति का वॉइस प्रिंट भी अलग होता है।

यक्ष ऐप इसी सिद्धांत पर काम करते हुए संदिग्धों की सटीक पहचान सुनिश्चित करेगा।

​अब तक पुलिस मुख्य रूप से फिंगरप्रिंट और चेहरे की पहचान (CCTV) पर निर्भर रहती थी।

लेकिन साइबर क्राइम, धमकी भरे कॉल और आतंकी साजिशों के मामलों में ऑडियो ही एकमात्र सबूत होता है।

यक्ष के आने से पुलिस की जांच न केवल तेज होगी, बल्कि अदालतों में साक्ष्यों की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।

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