कुख़्यात गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई के भाई अनमोल को अमेरिका से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया, कोर्ट से NIA को मिली 11 दिनों की रिमांड

20/11/25 :- गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भाई अनमोल बिश्नोई (Anmol Bishnoi) संयुक्त राज्य अमेरिका से प्रत्यर्पित होकर भारत लाया गया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उसे दिल्ली हवाई अड्डे से हिरासत में ले लिया और बाद में 11 दिनों की कस्टडी हासिल की।

वह लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के मुख्य अंतरराष्ट्रीय हैंडलर के रूप में काम करता था, जो जबरन वसूली और गिरोह के संचालन को विदेश से नियंत्रित करता था, दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने एनआईए को अनमोल बिश्नोई की 11 दिन की रिमांड दी है ताकि उससे आगे की पूछताछ की जा सके। उसके खिलाफ 18 से अधिक मामले दर्ज हैं।

अपराध की दुनिया का वो नाम जो बॉक्सिंग रिंग से बाहर निकला और अपने चचेरे भाई के नक्शे कदम पर चलकर बन गया दुनिया का मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर. छोटी सी उम्र में जब इस लड़के ने जरायम की दुनिया में कदम रखा तो किसी को अंदाजा भी नहीं था कि उसकी दहशत देश ही नहीं दुनियाभर में महसूस की जाएगी।
सियासी गलियारे से लेकर मुंबई के मनोरंजन जगत तक लॉरेंस भाइयों की इतनी दहशत है कि हर कोई उनसे खौफ खाता है. जेल में होने के बावजूद ‘लॉरेंस गैंग‘ अपनी ताकत का अंदाजा बीच-बीच में कराता रहता है. आज हम बात करेंगे लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई की जिसे अमेरिका से भारत लाया गया है।

जरायम की दुनिया में शुरुआत

अनमोल बिश्नोई का जन्म पंजाब के फाजिल्का जिले के दुतारावाली गांव में हुआ था. पढ़ाई में अव्वल रहने वाला अनमोल जब बॉक्सिंग रिंग में उतरा तो उसके पंच के सामने कोई टिक नहीं पाया. हर किसी को उम्मीद थी कि अनमोल बिश्नोई बॉक्सिंग में बड़ा नाम बनकर उभरेगा. लेकिन तकदीर ने उनसे लिए कुछ और ही सोच रखा था. साल 2009 में जब वह माउंट आबू के स्कूल में पढ़ाई कर रहा था, उसकी पहचान ऐसे लड़के से हुई जिसने उसकी जिंदगी ही बदलकर रख दी।

जैसे-जैसे वक्त बीतता गया, अनमोल का रास्ता खुद ब खुद बदलता गया. उसका चचेरा और बड़ा भाई, लॉरेंस बिश्नोई जो पहले से ही अपराध की दुनिया में कदम रख चुका था, उसकी तरह ही वह भी धीरे-धीरे अपराध की ओर खिंचा चला गया. उस वक्त अनमोल की उम्र ज्यादा नहीं थी, लेकिन बॉक्सिंग रिंग का गुस्सा उसने अपराध की दुनिया में उतारना शुरू कर दिया और दुनियाभर में उसकी दहशत बढ़ती गई. गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई पर कई तरह के सनसनीखेज मामले दर्ज हैं.

कौन-कौन से रहे अपराध
मुंबई के प्रभावशाली राजनेता और राज्य की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे बाबा सिद्दीकी की हत्या ने पूरे महाराष्ट्र को हिलाकर रख दिया था. यह घटना न केवल हाई-प्रोफाइल थी, बल्कि अपराध जगत और राजनीति के गठजोड़ पर भी गंभीर सवाल उठाती है. पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए, उनसे पता चला कि इस हत्याकांड की साजिश विदेश में बैठकर रची गई थी और इस पूरी हत्या की साजिश अनमोल बिश्नोई ने रची थी, जो कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई है।
12 अक्टूबर 2024 की रात, बांद्रा के खेरवाड़ी चौक पर स्थित कार्यालय के बाहर जब बाबा सिद्दीकी अपनी कार से उतर रहे थे, तभी दो शूटर अचानक वहां आए और बेहद करीब से उन पर गोलियां बरसा दीं. हमले की योजना इतनी सटीक और संगठित थी कि शूटर मिनटों में फरार भी हो गए.

घटना स्थल पर मौजूद चश्मदीदों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने जल्दी ही दोनों हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में शूटरों ने खुलासा किया कि वे अनमोल बिश्नोई के निर्देश पर काम कर रहे थे और पूरी साजिश की रूपरेखा उसे ने विदेश से रिमोट तरीके से तय की थी।

सलमान खान को लॉरेंस गैंग की धमकी

बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को पहले से ही लॉरेंस बिश्नोई गैंग की धमकियां मिलती रही हैं. इसी बीच अप्रैल 2025 में गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई गोलीबारी ने पूरे देश में डर का माहौल बना दिया. सुबह-सुबह दो बाइक सवार गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर पहुंचे और इमारत की सुरक्षा दीवार की ओर गोलियां चला दीं. यह घटना बेहद खतरनाक थी क्योंकि बॉलीवुड सेलिब्रिटी की सुरक्षा देश में हमेशा गंभीर विषय माना जाता है।
फायरिंग के कुछ घंटों बाद सोशल मीडिया पर एक अकाउंट से पोस्ट आया, जिसमें दावा किया गया कि यह हमला अनमोल बिश्नोई के इशारे पर किया गया है. पोस्ट में इसे चेतावनी बताया गया था और लिखा था कि यह केवल शुरुआत है. पुलिस ने शूटरों को गिरफ्तार किया तो उन्हें भी उसी गैंग से जुड़ाव निकला और पूछताछ में स्पष्ट हुआ कि निर्देश इंटरनेट कॉल और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग के माध्यम से विदेश में बैठे अनमोल ने भेजे थे।

सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड

पंजाब के बेहद लोकप्रिय गायक और युवा आइकन सिद्धू मूसेवाला की हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया था. यह हत्या न केवल बेहद क्रूर थी, बल्कि गैंगस्टरों के बीच चल रही दुश्मनी का चरम रूप भी थी. 29 मई 2022 को मानसा जिले में मूसेवाला की कार को दो गाड़ियों ने घेर लिया. हमलावरों ने अत्याधुनिक हथियारों से 30 से अधिक गोलियां चलाईं, जिससे मूसेवाला की मौके पर ही मौत हो गई।
इस घटना की जांच कई एजेंसियों ने मिलकर की और अंत में वह धागा अनमोल बिश्नोई तक जा पहुंचा. पुलिस चार्जशीट में दर्ज है कि इस हमले की योजना विदेश में बैठे अनमोल और गोल्डी बराड़ ने बनाई थी. शूटरों की भर्ती, हथियारों की सप्लाई, हमले का समय, मूसेवाला की मूवमेंट, सब कुछ बड़ी बारीकी से तय किया गया था. हमले के बाद अनमोल और गोल्डी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर इस वारदात की जिम्मेदारी ली. उन्होंने इसे गैंगवार का बदला बताया।

अमेरिका में कैसे हुई गिरफ़्तारी?

अनमोल बिश्नोई की गिरफ्तारी अमेरिकी शहर लॉस एंजेलिस में एक रूटीन इमिग्रेशन चेकिंग के दौरान हुई. कैलिफोर्निया के एक एयरपोर्ट पर यूएस इमिग्रेशन अधिकारी एक यात्री के दस्तावेज जांच कर रहे थे. उसके पास भारतीय पासपोर्ट था, जिस पर नाम ‘भानू’ लिखा था. शुरुआत में कागजों में कोई खास गड़बड़ी नहीं दिखी, लेकिन जब अधिकारी ने उस कंपनी का रेफरेंस लेटर देखा, जिसके आधार पर ‘भानू’ अमेरिका आया था, तो दस्तावेज की भाषा और फॉर्मेट देखकर उसे शक हुआ।
कंपनी से संपर्क कर जब सत्यापन किया गया तो पता चला कि उनके यहां ऐसा कोई कर्मचारी नहीं है.

इसके बाद इमिग्रेशन अधिकारियों ने पासपोर्ट की चिप, फोटो और अन्य विवरण को गहराई से जांचा. पूछताछ में उस व्यक्ति के जवाब बार-बार बदलने लगे, जिससे संदेह और गहराया. आखिरकार कड़ी पूछताछ के बाद उसने अपना असली नाम बताया और खुलासा किया कि वह कोई भानू नहीं, बल्कि भारत का वांछित गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई है, जिसके खिलाफ कई राज्यों में गंभीर मामले दर्ज हैं.

जैसे ही यह जानकारी सामने आई, यूएस इमिग्रेशन ने तुरंत एफबीआई को सूचना दी. एफबीआई ने भारतीय एजेंसियों से संपर्क कर अनमोल की पहचान की पुष्टि की।

लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई अनमोल 18 से अधिक गंभीर मामलों में आरोपी है. राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और मुंबई पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थीं. दबाव बढ़ने पर वह नकली पासपोर्ट बनवाकर विदेश भाग गया और लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा. उसकी मौजूदगी पहले केन्या और कनाडा में और बाद में अमेरिका में देखी गई।
वह जोधपुर जेल से 7 अक्टूबर 2021 को रिहा हुआ था. उसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच ने सलमान खान फायरिंग केस में उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था. 2022 में NIA ने अनमोल पर रंगदारी, टारगेट किलिंग और क्राइम सिंडिकेट चलाने का केस UAPA के तहत दर्ज किया था. उसके खिलाफ लगभग 18 केस दर्ज हैं और 10 लाख का इनाम है।

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