06/04/26 :- लखनऊ को दहलाने की थी साजिश? UP ATS द्वारा पकड़े गए आतंकियों ने अब अपने जहरीले मनसूबे उगलने की शुरुआत कर दी है.
यूपी एटीएस ने लखनऊ में गिरफ्तार संदिग्ध आतंकियों के मोबाइल से कई सनसनीखेज ऑडियो रिकॉर्डिंग्स बरामद की हैं. इन ऑडियो में पाकिस्तानी हैंडलर्स द्वारा रेकी करने, टारगेट चुनने और धमाके के समय को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए थे. साजिश के तहत वारदात का वीडियो बनाकर पाकिस्तान भी भेजना था. इसके लिए संदिग्ध आतंकियों ने लखनऊ रेलवे स्टेशन की रेकी की थी क्योंकि वहां शाम को सबसे ज्यादा भीड़ होती है.
पाकिस्तानी हैंडलर्स चाहते थे कि धमाके के बाद होने वाली मौतों और अफरा-तफरी का वीडियो बनाकर उन्हें भेजा जाए ताकि इसका असर बड़े स्तर पर दिखे. लखनऊ के अलावा कई धार्मिक शहर भी इनके निशाने पर थे.
एटीएस की पूछताछ में पकड़े गए चार संदिग्ध आतंकियों ने बताया कि उन्हें पाकिस्तानी हैंडलर से लगातार संदेश मिल रहे थे.
बता दें कि उत्तर प्रदेश एटीएस ने शनिवार (4 अप्रैल) को 4 पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारों पर भारत में दहशत फैलाने के 4 संदिग्धों आतंकियों को गिरफ्तार किया था. एटीएस ने उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड अर्जी दाखिल की थी. स्पेशल कोर्ट ने 5 दिन की रिमांड दी है.
एटीएस की पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि पाकिस्तानी हैंडलर से लगातार संदेश मिल रहे थे. पूछताछ में खुलासा हुआ है कि हैंडलर द्वारा संदेश दिया जा रहा था कि जितनी दहशत फैलाओगे उतना पैसा दिया जाएगा.
बड़े धमाके की रिहर्सल
आरोपियों ने पिकअप और बाइक में आग लगाकर बड़े धमाके का रिहर्सल किया था. यह चारों संदिग्ध पाकिस्तानी हैंडलर अबु बकर के लगातार संपर्क में थे. सोशल मीडिया हैंडल करने में चारों पूरी तरह ट्रेन्ड हैं. हैंडलर से बातचीत में अफ़ग़ानिस्तान का नंबर इस्तेमाल करने की बात भी सामने आई है.
यह संदिग्ध हैंडलर को संदेश भेजने के लिए वीपीएन और इंस्टाग्राम का प्रयोग करते थे. इस बीच पकड़े गए संदिग्धों का दुबई कनेक्शन भी सामने आया है. मेरठ का आकिब दुबई में बैठकर मॉड्यूल को ऑपरेट कर रहा था.
आकिब द्वारा हुआ पाकिस्तानी हैंडलर से संपर्क
पूछताछ में पता चला है कि आकिब ने ही साकिब का संपर्क सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स से कराया था. जानकारी है कि आकिब का पाकिस्तानी हैंडलर्स से पहले से ही संपर्क था. यूपी एटीएस ने आकिब को लेकर अब छानबीन शुरू कर दी है.
बता दें कि आकिब ने ही शाकिब के नाम का डैविल (Devil) कोड वर्ड दिया था. आकिब पाकिस्तानी हैंडलर्स से पैसों का पूरा लेन देन करता था और काम हो जाने के बाद शाकिब और उसके साथियों को भेजता था.
मोबाइल से मिली अहम जानकारी
संदिग्धों के मोबाइल से एटीएस को अहम जानकारी मिली है. मोबाइल में कई रक्षा प्रतिष्ठान और कैंट इलाके के वीडियो मिले हैं. यह संदिग्ध पाकिस्तानी हैंडलर को रेकी के वीडियो भेजते थे. इसके अलावा रेलवे के सिग्नल बॉक्स और सिलिंडर भरे वाहनों पर संदिग्ध आंतकियों की नजर थी. हिंदूवादी नेताओं को निशाना बनाने की साजिश की भी जानकारी सामने आई है.