‘आपसे ब्लंडर मिस्टेक हुआ है साहब’ एक रात का बिजली बिल कैसे हुआ 1लाख 10 हजार 865 रु? उपभोक्ता सदमे में

21/04/26 उत्तर प्रदेश:उपभोक्ता के लिए सरदर्द बना प्रीपेड मीटर, विद्युत विभाग के गलती का खामियाजा उपभोक्ता क्यों भरे?

शाम तक बिल एडवांस 2490 रुपये जमा था रातों रात बिल हुआ 1लाख 10हजार 865 रुपये
आखिर प्रीपेड मीटर को लेकर उपभोक्ताओं में इतना घमासान क्यों ?
प्रीपेड मीटर में है बड़ा झोल या चल रहा कोई खेल ?

घटना लखनऊ के सचिवालय कॉलोनी, टिकैत राय तालाब राजाजीपुरम का है जहाँ एक सिंगल मदर अपने दो बच्चों के साथ रहती हैं तथा ह्रदय रोग से पीड़ित हैं।
दिसंबर 2025 से पूर्व सब सही चल रहा था जब तक बिजली विभाग की तरफ से पोस्ट पेड कनेक्शन लगा हुआ था ,इसके उपरांत जनवरी 2026 से जब बदलकर प्रीपेड मीटर लगा तब से एडवांस रुपये जमा होने लगे ,जितना उपयोग होता रहा उतना पैसा निकलता रहा ,समस्या तब उत्पन्न हुई जब बीते 16 अप्रैल की शाम तक 2490 एडवांस जमा राशि अगले दिन माइनस एक लाख दस हजार आठ सौ रु दिखने लगा जोकि पीड़ित महिला के लिए ह्रदय आघात से काम न था ,जिससे महिला की तबियत अचानक बिगड़ने लगी जिसके बाद महिला को आनन् फानन में अस्पताल ले जाना पड़ा जहाँ उपचार के बाद स्थिति सामांन्य होने पर जब पूछा गया तब पीड़ित महिला ने बिजली विभाग के इस कारनामे की बात बताई।
इसके उपरांत जब पीड़ित महिला के सहयोगियों ने बिजली विभाग के 1912 बिलिंग केंद्र में जाकर शिकायत दर्ज कराई तो आश्वासन मिला की बिजली काटी नहीं जाएगी ,कोई त्रुटि हो गयी है दो दिन में बिल सम्बंधित समस्या का समाधान कर दिया जायेगा और आपके अकाउंट में जमा धनराशि दोबारा दिखने लगेगी। परन्तु तीन दिन बीत जाने के बाद 21 अप्रैल 26 को दोपहर मैसेज आता है की 265 रु जमा करिये अन्यथा बिजली काट दी जाएगी।

इस पर पीड़ित महिला ने पुनः 1912 केंद्र पर जाकर जब इसका कारण पूछा तो जवाब मिला की आपका जनवरी से लेकर अभी तक का बकाया भुगतान एक साथ काट लिया गया है, अब आप और एडवांस रुपये जमा कर दीजिये अन्यथा बिजली काट दी जाएगी।

महिला ने प्रीपेड मीटर पर उठाया संदेह

पीड़ित महिला का आरोप है की दिसम्बर माह के पोस्टपेड मीटर का सारा भुगतान महिला ने जनवरी में कर दिया था किसी भी प्रकार का भुगतान शेष नहीं था। और प्रीपेड में पेमेंट एडवांस जमा हो रहा है। यहां पीड़ित महिला का कहना है की “जब उपभोक्ता को प्रीपेड मीटर में एडवांस पैसा जमा रखना होता है तो यह हर महीने की बकाया राशि कहाँ से उत्त्पन्न हुई ? और यदि रुपये एडवांस भी रखने हैं और अलग से हर महीने के हिसाब से अलग बकाया भी बताएँगे तो फिर प्रीपेड मीटर किस षड़यंत्र के तहत लगाया गया”?

गंभीर प्रश्न
फिलहाल यह तो जांच का विषय है और पीड़ित महिला अब विद्युत केंद्र के चक्कर काटने को मजबूर है। परन्तु गंभीर प्रश्न इसके साथ -साथ यह भी है की यदि बिजली विभाग के इस कारनामे की वजह से यदि पीड़ित महिला का हार्ट अटैक से निधन हो जाता तो क्या विद्युत विभाग इसकी जिम्मेदारी लेता? क्या पीड़ित महिला के छोटे बच्चों की जिम्मेदारी विद्युत विभाग लेता?

यही कारण है की प्रीपेड मीटर की खामियों को लेकर हर जगह घमासान मचा हुआ है।

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