सरकार की भटकी हुई विदेश नीति और असंतुलित आर्थिक प्रबंधन के चलते देश ऊर्जा संकट और महंगाई की मार झेल रहा- प्रमोद तिवारी

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06/04/26 UP:- गैस-पेट्रोल के बढ़ते दामों से जनता परेशान, किसानों को मुआवजा नहीं मिलने पर जताई नाराजगी

महंगाई, गैस संकट और विदेश नीति पर सरकार कटघरे में

राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने केन्द्र की सरकार पर ऊर्जा संकट, महंगाई और विदेश नीति को लेकर तीखा हमला बोला है। सोमवार को नगर स्थित शैल श्याम पैलेस में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि “सरकार की भटकी हुई विदेश नीति और असंतुलित आर्थिक प्रबंधन के चलते देश आज ऊर्जा संकट और महंगाई की मार झेल रहा है।”

उन्होंने कहा कि “भारत अपनी एलपीजी गैस की जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों—सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत—से आयात करता है, जो के रास्ते आता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार की गलत विदेश नीति के कारण इन देशों से संबंध कमजोर हुए हैं, जिससे गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है।

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्रियों और का उदाहरण देते हुए कहा कि “उनके समय में खाड़ी देशों से संतुलित और मजबूत संबंध बनाए रखे गए थे।

सांसद प्रमोद तिवारी ने एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पिछले एक माह में घरेलू गैस सिलेंडर के दाम लगभग 60 रुपये बढ़े हैं, जबकि बीते तीन माह में कमर्शियल सिलेंडर 525 रुपये तक महंगा हो चुका है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जनवरी से अप्रैल के बीच कई बार कीमतों में वृद्धि कर आम जनता की कमर तोड़ दी गई है। उन्होंने पेट्रोल और डीजल पर बढ़ी एक्साइज ड्यूटी का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में पेट्रोल पर 9.48 रुपये और डीजल पर 3.56 रुपये एक्साइज ड्यूटी थी, जिसे वर्ष 2020 तक बढ़ाकर क्रमशः 32.98 और 31.83 रुपये कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इससे सरकार ने भारी राजस्व अर्जित किया, लेकिन इसका कोई लाभ आम उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों से तेल कंपनियों और बड़े उद्योगपतियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया है।

सरकार अमेरिकी प्रभाव में कर रही कार्य

विदेश नीति को लेकर उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार अमेरिकी प्रभाव में कार्य कर रही है और जैसे नेताओं के दबाव में निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि इसका परिणाम यह हुआ कि खाड़ी देशों का रुझान भारत से कम हुआ, जो ऊर्जा संकट का एक प्रमुख कारण बना है। सांसद प्रमोद तिवारी ने हाल ही में हुई असमय बारिश और तूफान से गेहूं की फसल को हुए भारी नुकसान पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा घोषित मुआवजा किसानों तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने मांग की कि तत्काल सर्वे कराकर प्रति एकड़ के हिसाब से किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।

उन्होंने जिले में केरोसिन तेल वितरण की नई व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि केवल दो पेट्रोल पंपों से केरोसिन वितरण का निर्णय अव्यावहारिक है और इससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही उन्होंने मिलावटखोरी बढ़ने की आशंका भी जताई और पुरानी व्यवस्था के तहत राशन दुकानों से वितरण बहाल करने की मांग की।

इसके अलावा उन्होंने सरकारी विभागों में बढ़ते भ्रष्टाचार पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि रिश्वतखोरी के मामलों में तीन से चार गुना तक वृद्धि हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा की जा रही है।

विभिन्न राज्यों—पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी—में हो रहे विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि भाजपा इन राज्यों में हार का सामना करेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में भी जनता बदलाव का निर्णय लेगी। पत्रकार वार्ता से पूर्व सांसद ने पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।

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