27/11/25 CommonWealth Games:- भारत के लिए खेल जगत से एक ऐतिहासिक खबर सामने आई है। 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी का अधिकार आधिकारिक तौर पर भारत को मिल गया है। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स जनरल असेंबली की बैठक में, भारत के स्पोर्ट्स हब कहे जाने वाले शहर अहमदाबाद के नाम को औपचारिक मंजूरी दी गई। यह घोषणा भारत की उस महत्वाकांक्षी योजना में एक बड़ा कदम है जिसके तहत वह खुद को ग्लोबल मल्टी-स्पोर्ट हब के रूप में स्थापित करना चाहता है।
वापस भारत आएगा कॉमनवेल्थ गेम्स
भारत ने आखिरी बार 2010 में दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) की मेजबानी की थी। अब 2030 में यह भव्य आयोजन अहमदाबाद में होगा। अहमदाबाद को चुनने का मुख्य कारण पिछले एक दशक में वहाँ स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का अभूतपूर्व और तेज़ गति से विकास है।
2030 की इस प्रतिष्ठित बोली में भारत का सीधा मुकाबला नाइजीरिया के शहर अबुजा से था, लेकिन कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने अफ्रीकी देश को 2034 संस्करण के लिए विचार में रखने का फैसला किया, जिससे अहमदाबाद का रास्ता साफ हो गया।
मेडल देने वाले खेलों को शामिल करना जरूरी
2026 ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स का बजट सीमित रखा गया है और इसमें कुश्ती, शूटिंग, बैडमिंटन और हॉकी जैसे भारत के पदक देने वाले खेलों को हटा दिया गया है, जिसका भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने कड़ा विरोध किया था।
IOA ने अब स्पष्ट कर दिया है कि भारत 2030 गेम्स में अपने सभी पदक दिलाने वाले खेलों को शामिल करेगा। IOA संयुक्त सचिव कल्याण चौबे ने यह भी कहा कि शूटिंग, कुश्ती, तीरंदाजी जैसे खेलों के साथ-साथ कबड्डी और खो-खो जैसे भारत के पारंपरिक खेलों को भी जोड़ने की योजना है। यह कदम भारत की खेल शक्ति और सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करेगा।
कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने भारत की सराहना की
कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने अपने बयान में कहा कि भारत दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला राष्ट्र है, जिसका खेलों में समृद्ध इतिहास रहा है और हाल के CWG आयोजनों में भी उसका प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्होंने अहमदाबाद की बोली को भारत की खेलों के प्रति प्रतिबद्धता, विविधता और आधुनिक खेलों के विशाल स्वरूप का प्रतीक बताया।