दिल्ली रेड फोर्ट ब्लास्ट के तार उत्तराखंड के हल्द्वानी तक पहुंचे, मस्जिद का इमाम मौलाना मोहम्मद आसिफ कासमी हिरासत में

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30/11/25 Delhi Red Fort Blast:- दिल्ली बम ब्लास्ट केस की जांच में सुरक्षा एजेंसियां तेजी से कार्रवाई कर रही हैं. इस मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम और उत्तराखंड की लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में दबिश देकर एक मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद आसिफ कासमी को हिरासत में लिया है. पुलिस सूत्रों के अनुसार उनसे दिल्ली में पूछताछ की जा सकती है, हालांकि इस केस में उनकी भूमिका को लेकर एजेंसियों ने अब तक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है

गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है. बिलाली मस्जिद और आसपास के संवेदनशील इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है. शहर के कई हिस्सों में चेकिंग अभियान भी तेज कर दिया गया है. अचानक भारी पुलिस मूवमेंट को देखकर स्थानीय लोग तरह-तरह की अटकलें लगा रहे हैं

जांच एजेंसियों के मुताबिक, कॉल डिटेल्स की समीक्षा के दौरान मुख्य संदिग्ध आतंकी उमर का कनेक्शन हल्द्वानी से जुड़ा होने की जानकारी मिली थी. इसी आधार पर यह कार्रवाई की गई. नेशनल हेराल्ड मामले के समानांतर इस केस में भी प्रवर्तन निदेशालय (ED) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कानूनी प्रावधानों के तहत समन्वयन कर रही हैं और जांच रिपोर्ट्स साझा की जा रही हैं।
NIA इस मामले में अब तक कुल 8 लोगाें को गिरफ्तार कर चुकी है. 6 गिरफ्तारियां 20 नवंबर को की गई थीं, जबकि 2 अन्य गिरफ्तारी 28-29 नवंबर को हल्द्वानी से हुई हैं।

गौरतलब है कि 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के रेड फोर्ट के पास हुए कार ब्लास्ट में 15 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे. जांच में इसे आतंकी हमला बताया गया है. एजेंसियों ने मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी को सुसाइड बॉम्बर के रूप में चिन्हित किया है और उसके तार जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों से जुड़े होने का भी आरोप है. जांच अब भी जारी है और आने वाले दिनों में इस केस में और खुलासे हो सकते हैं।

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