पत्रकार द्वारा LPG गैस की किल्लत झेल रही जनता की जमीनी हकीकत दिखाना भाजपा नेता को गुजरा नागवार

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01/04/26 Uttarakhand:- सिस्टम हुआ बेनकाब तो बौखलाया प्रशासन, गैस किल्लत की खबर छापने पर पत्रकार पर ठोका मुकदमा.
खटीमा में जनता की आवाज उठाना क्या अब गुनाह बन गया है? खटीमा के पत्रकार दीपक फुलेरा पर दर्ज मुकदमे ने पूरे प्रदेश के पत्रकारों को सड़कों पर ला दिया है। उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के बैनर तले लालकुआं में पत्रकारों का गुस्सा फूट पड़ा और प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया।


पत्रकारों ने साफ शब्दों में कहा—
“अगर सच लिखना अपराध है, तो पत्रकारिता का अस्तित्व ही खतरे में है!”
*मामला तब गरमाया जब दीपक फुलेरा ने खटीमा में गैस किल्लत की गंभीर समस्या को अपनी खबर में प्रमुखता से उठाया। उनका मकसद सिर्फ इतना था कि आम जनता को राहत मिले, लेकिन कार्रवाई समस्या पर नहीं, बल्कि पत्रकार पर कर दी गई।इससे आक्रोशित पत्रकारों ने इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला बताया।

मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
लालकुआं में पत्रकारों ने तहसीलदार पूजा शर्मा के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। चेतावनी दी गई कि यदि मुकदमा तुरंत वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन प्रदेशभर में तेज किया जाएगा।

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