‘जब अधिकारी हों मेहरबान तो सरकार की आँखों में धूल झोंकना आसान’ खाद्य एवं रसद विभाग में CM स्थानांतरण नीति का खुल्ला मजाक
28/04/26 लखनऊ:- उत्तर प्रदेश के लखनऊ खाद्य एवं रसद विभाग, जवाहर भवन, लखनऊ (मुख्यालय) में एक ही पटल (एक ही मंडल – लखनऊ मंडल) में श्रीमती नमिता मिश्रा, AMO विगत 22-25 वर्षो से सम्बध्द / तैनात रहते हुए मठाधीश की भूमिका में सशक्त हो चुकी है।
यह विषय शासन के शासनादेशों का खुल्लमखुल्ला मजाक का विषय बन चुका है, जबकि मुख्यमंत्री की स्थानांतरण नीति के अनुसार कोई अधिकारी / कर्मचारी किसी जिले मे 3 साल और एक ही मंडल में 07 साल से अधिक तैनात नहीं रह सकते है। जिससे यह स्पष्ट रूप से विदित है कि श्रीमती नमिता मिश्रा (AMO) के ऊपर स्थानांतरण नीति का कोई शासनादेश अथवा मुख्यमंत्री की स्थानांतरण नीति लागू ही नहीं होती है।
CM स्थानांतरण नीति का बना मजाक
निरंतर 22 से 25 वर्षो से श्रीमती नमिता मिश्रा (AMO) की एक ही लखनऊ मंडल मे यह अपरिहार्य तैनाती एवं सम्बद्धीकरण किस शासनादेश की पूर्ति कर रहा है? यह समझ के बाहर है।
AMO पर ज्यादा महेरबान?
सूत्रों द्वारा ख़बर है कि श्रीमती नमिता मिश्रा (AMO) के अधीनस्थ उनके सहयोग के लिए उन्हीं के समकक्षीय AMO (श्री अखिलेश सिंह) को तैनात भी किया गया है, जो कि विभाग के कार्य कलापों पर प्रश्न-चिह्न लगा रहा है।
क्या खाद्य विभाग के मुख्यालय स्तर पर तैनात समस्त महिला अधिकारियों/कर्मचारियों के सहयोग हेतु उन्हीं के समकक्ष अधिकारियों / कर्मचारियों की तैनाती होती है? या यह सुविधा केवल नमिता मिश्रा (AMO) के लिए ही की गई है और क्यों? यह भी समझ के बाहर है।
भ्रष्टाचार की गहरी सांठगांठ का संदेह
कुल मिलाकर यह पूरा विषय विभाग में भ्रष्टाचार की गहरी सांठगांठ को स्पष्ट प्रदर्शित कर रहा है, जिसमें 22 से 25 वर्षो से नमिता मिश्रा (AMO) द्वारा अर्जित एवं बनाई गई संपत्तियों की जांच किये जाने की आवश्यकता है।
इस खबर के बाद अब तो यह देखना शेष रह जाता है कि श्रीमती नमिता मिश्रा (AMO) के संदर्भ में विभाग मुख्यमंत्री के स्थानांतरण नीति का पालन करता है अथवा उच्च आधिकारियों की कृपापात्र श्रीमती नमिता मिश्रा (AMO) हमेशा की तरह अपने बाहुबल का प्रयोग कर विगत वर्षो की ही भांति लखनऊ मंडल और जवाहर भवन स्थित मुख्यालय में ही तैनात रहने वाली हैं।